Warahdant
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शूकर-दन्त

 

 

ऐसा बहुत प्राचीन समय से मान्यता है की विष्णु सम्प्रदाय में श्री विष्णु ने दसावतार लिए, इसमें से नव अवतार चुके हैं और आखरी कलयुगी अवतार आना बाकी है जिसका नाम है कल्कि। हमें यह पता चलता है की भगवन ने एक वाराह अवतार रखा था जिसमें उन्होनें एक सूअर का रूप धारण कर सृष्टि को अपने दांतों पर टिका लिया था, और प्रलय के समय जब बाढ़ और तूफ़ान आया तो सृष्टि के पालन-करता ने हमें इस अवतार के ज़रिये बचा लिया था।

 

 

वैसे तो शूकर को कोई अच्छा पशु नहीं माना जाता हिन्दू धर्म में। पर आपको यह जान के हैरानी होगी की अगर आप शूकर का कोई दांत अपने पास रखें, तो उससे सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता जुड़ी हुई है। ऐसा माना जाता है की यह एक अत्यंत शक्तिशाली टोटका है और इसका प्रयोग असरदार होता है। यह पता करना तो आसान होगा की शूकर दन्त प्रयोग कितना प्रभावशाली है और उससे कितना अत्यधिक असर आपके व्यावहारिक जीवन पर पड़ता हैं,

 

 

इसे प्राप्त करने के पश्चात इसे सिद्ध भी करना होगा और तब ही आपको इसका असर प्राप्त होगा, इसकी सिद्धि के लिए आपको मंत्र, पूजा और पाठ का सहारा लेना पड़ेगा। तो फिर शूकर दन्त वशीकरण टोटके और प्रयोग की विधि क्या है ? पहली बात तो ये की अगर आपको शुक्र दंत प्राप्त हो जाये तो फिर आप उसको किसी शुभ मुहूर्त पर ही धारण करें जैसे की दीपावली, धनतेरस, दशहरा आदि। इससे आपके शूकर दन्त का प्रभाव बढ़ता है और शुभ मुहूर्त का शुभ फल चढ़ जाता है उस शूकर दन्त पर।

 

 

अगर आप किसी को वशीभूत करना चाहते हैं तो सवेरे उठnके नहा धो लें, साफ़ कपडे पहन लें और पूजा स्थल जो की घर है में जा के धूप-दीप जला दें, फूल और अक्षत चढ़ा कर पूजा करें। अगर घर में मंदिर नहीं है तो बाहर मंदिर जाकर विधि विधान से पूजा-अर्चना करें। अब आप अपने शूकर दन्त को गले में धारण करें और जिसको भी वशीभूत करना चाहते हैं उसके पास जाएं, वह आपको देखते ही आपके वश में हो जायेगा। ऐसी मान्यता है की शूकर दन्त जो पहन लेता है वह कभी हारता नहीं है, विजय प्राप्त करता है और हमेशा अजय रहता है। ऐसा व्यक्ति जहाँ भी जाता है उसे और उसके हितकारी लोगों के साथ शुभ कार्य ही होते हैं। वह लाभ ही लाभ उठाते हैं।

 

 

शूकर दन्त का प्रभाव सबसे अत्याधिक और असरदार होता है केवल बड़े त्योहारों पर क्योंकि इन पर मुहूर्तों का अच्छा संयोग होता है। इन दिनों यानी दिवाली, दशहरा और होली आदि को शूकर दन्त पहनना सबसे लाभ-दायक और ज़रुरतमंदों के लिए ठीक होता है।