Therd Eye Aget (Sulemani hakik)  Pendent
Therd Eye Aget (Sulemani hakik)  Pendent

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Regular price Rs. 800.00 Sale price Rs. 501.00

**निमेषोन्मेषकं त्यक्त्वा सूक्ष्मलक्ष्यं निरीक्षयेत.
यावदश्रुनिपातञ्च त्राटकं प्रोच्यते बुधै:.
सुखासन पर स्थिर भाव से बैठ कर इस पत्थर पर निर्निमेष अर्थात बिना पलक झपकाये दृष्टि लगाये रखे. जब आँखों से आंसू गिरने लगे. जादू, टोना, नज़र दोष, तो इससे दूर होता ही है. थोड़ी भी सिद्धि हो जाने पर व्यक्ति अपने सामने वाले को भी वशवर्ती बना लेता है. इसे ही त्राटक भी कहते हैं. पाश्चात्य विज्ञान में इसे ही मेस्मेरिज्म कहा जाता है. किन्तु पाश्चात्य विज्ञान में इस मेस्मेरिज्म को आँख की Melothylamia तथा Zylopheschula के मूल कार्य संवेदना प्रवाह को निश्चेष्ट कर दिया जाता है. जिससे व्यक्ति कुछ समय बाद विक्षिप्त या पागल हो जाता है. किन्तु इस शास्त्रीय त्राटक विधान से क्योंकि द्रुश, हय और धर्त्री किरणों को इस पत्थर से परावर्तित कर रेटिना के माध्यम से प्यूपिल के मध्य भाग से Glynosomes को दिया जाता है इससे दृष्टि तंत्र (Ophthalmic System) का कोई भी भाग विकृत या दोषपूर्ण नहीं होने पाता. तथा साधक स्वस्थ रहता है. इस्लामिक परम्परा में इस पत्थर को तस्ब मंसूक कहा जाता है. शायद इसे हिन्दू भैषज्य ग्रंथों में कृदम्भ कहा गया है.