सिन्दूर
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सिन्दूर के अचूक टोटके

इस प्रकार एक सिन्दूर हमारे जीवन में अनेक खुशियों के लेकर आता है. आज ही सिन्दूर का उपयोग करें और अपने घर से दुर्भाग्य को दूर कर दे...

1:- जिन व्यक्तियों को आए दिन वाहनादि से दुर्घटना का सामना करना पड़ रहा है, तो उन्हें मंगलवार के दिन श्री हनुमान जी के मंदिर में सिन्दूर दान करना चाहिए. इससे शीघ्र हो दुर्घटना का भय आदि समाप्त होता है.

2:- यदि आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है तो, एकाक्षी नारियल पर सिन्दूर चड़ा कर उसे लाल वस्त्र में बांधकर माँ लक्ष्मी से धन की प्रार्थना करते हुए अपने व्यवसाय स्थल पर रख देना चाहिए इसके प्रभाव से धन की समस्या दूर होने के साधन बनते जायेंगे.

3:- यदि सूर्य अथवा मंगल आपके लिए मारक ग्रह है और उनकी महादशा या अंतर्दशा चल रही है, तो सिन्दूर को बहते जल में प्रवाहित करें ऐसा करने से सम्बंधित ग्रह का प्रभाव कम हो जाता है. और सूर्य तथा मंगाल मारक न बन कर शुभ ग्रह का फल देने लगते है.

4:- यदि प्रतियोगी परीक्षा में आप बैठ रहे है, तो गुरु-पुष्य योग में अथवा शुक्ल पक्ष के पुष्य योग में श्री गणेश जी के मंदिर में सिन्दूर का दान करने से परीक्षा में परिश्रम से अधिक सफलता प्राप्त होगी, तथा आत्मविश्वास की वृद्धि भी होगी.

5:- यदि रक्त से सम्बंधित किसी रोग से आप पीड़ित है, तो सिन्दूर को अपने ऊपर से उसारकर बहते हुए जल में प्रवाहित करें, ऐसा करने से रोग में लाभ मिलता है. और रोग शीघ्र शांत हो जाता है.

9:- अपने घर के मुख्यद्वार के ऊपर सिन्दूर चढ़ी हुई श्री गणेश जी की प्रतिमा स्थापित करने से घर में सुख समृद्धि एवं शान्ति बनी रहती है.

10:- यदि आप कर्जों से परेशान है. अथवा व्यवसाय में बाधा उत्पन्न हो रही हो अथवा आय में वृद्धि नहीं हो पा रही हो, तो सिन्दूर का यह प्रयोग आपके लिए अत्यंत लाभकारी रहेगा, एक सियार सिंगी लेकर उसे एक डिब्बी में रख ले और उसे प्रत्येक पुष्य नक्षत्र में सिन्दूर चढाते रहे. ऐसा करने से शीघ्र ही शुभ फल मिलेगा.

11:- अपनी तिजोरी में सिन्दूर युक्त हत्था जोड़ी रखने से आर्थिक लाभ में वृद्धि होने लगती है.

12:- जो महिलाए अपने परिवार और पति को स्वस्थ और आर्थिक समस्या से मुक्त देखना चाहती है, उन्हें प्रतिदिन अपनी मांग में सिदूर प्रातः और संध्या के समय अवश्य भरना चाहिए.

मांग में सिन्दूर भरने से शास्त्र में वर्णित है कि जो महिला अपनी मांग नित्य प्रातः और संध्या के समय भरती है उसका परिवार हमेशा रोगमुक्त, भयमुक्त तथा संपन्न रहता है. औए पति की आयु में वृद्धि होती है घर में कभी कर्ज नहीं चढता है और वह महिला सदा सुहागन का जीवन व्यतीत करती है.

13:- जो महिला कामकाजी है यदि वो सिन्दूर से प्रतिदिन अपनी मांग भरती है तो उसकी उन्नति होने लगती है. तथा घर बरकत बनी रहती है.

14:- मांग भरने से महिला के ससुराल पक्ष को ही लाभ नहीं मिलता बल्कि उसके मायके परिवार में भी लाभ होता है. उसके भाई- बहनों से अच्छे सम्बन्ध होने लगते है. तथा सदभाव बढता है.

किसी भी प्रकार के भेदभाव समाप्त हो जाते है चाहे वह ससुराल या मायके के पक्ष के हो ।।