पुदीना (MINT POWDER)
पुदीना (MINT POWDER)
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पुदीना (MINT POWDER)

पुदीना (MINT POWDER)

Regular price Rs. 125.00

पुदीना के फायदे और नुकसान -

 

 

पुदीना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। यह इसलिए भी काफी खास है, क्योंकि अनेक औषधीय गुणों से भरा पुदीना बाजार में आसानी से उपलब्ध भी है और महंगा भी नहीं होता है। गुण तो इसमें इतने हैं कि इससे न सिर्फ रोग दूर रहते हैं, बल्कि त्वचा की देखभाल में भी काफी मदद मिलती है। पुदीना का वैज्ञानिक नाम मेंथा है। पुदीना की वैज्ञानिक तौर पर 24 से ज्यादा नस्लें और 100 से अधिक प्रजातियों होती हैं। इसे सैकड़ों वर्षों से औषधीय गुणों के कारण नियमित दिनचर्या में लगातार इस्तेमाल किया जा रहा है। बाज़ार में मिंट की कई दवाएं और उत्पाद तो उपलब्ध हैं ही, इसकी कैंडीज, मंजन, इनहेलर, चाय के अलावा और भी कई रूपों में यह मौजूद है। आइए जानते हैं, पुदीना के अनेक लाभों के बारे में, साथ ही इसके सेवन से जुड़ी तमाम जानकारियों के बारे में भी।

पुदीना के पोषक तत्व -

पुदीने में काफी पोषक तत्त्व होते हैं, जिस वजह से यह कई बीमारियों को दूर करने में सहायक होता है। पुदीना में न केवल कैलोरी होती है, बल्कि फाइबर भी एक ग्राम तक होता है। विटामिन ए के अलावा इसमें आयरन, मैंगनीज और फोलेट भी होते हैं। खास बात ये है कि पुदीने को अपने घर में भी आसानी से उगाया जा सकता है। अपने किचेन गार्डन में पुदीना लगा कर आसानी से इसका सेवन हर रोज़ किया जा सकता है।

पुदीना के औषधीय गुण भी बहुत से हैं। पुदीने को मुख्य रूप से एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ए का स्रोत माना जाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, ऑक्सीडेटिव तनाव से हमारे शरीर की सुरक्षा करते हैं।

सेहत के लिए पुदीने के फायदे -

पुदीना के स्वास्थ्य लाभ की बात करें तो इसमें ऐसे कई गुण मौजूद हैं, जो शरीर को शक्तिशाली बनाने में मदद करते है। आइए, एक नजर डालते हैं पुदीना खाने के फायदे पर (pudina khane ke fayde)।

 

लीवर के लिए

पुदीना लीवर के लिए काफी फायदेमंद होता है। इस बारे में कम लोगों को ही जानकारी होती है, लेकिन यही सच है कि पुदीने में मौजूद पोषक तत्वों के कारण लीवर बेहतरीन तरीके से काम करता है, इसलिए पुदीने का सेवन नियमित रूप से किया जाना चाहिए।

पाचन तंत्र

पुदीना पाचन प्रणाली को शक्तिशाली बनाने में काफी मदद करता है, जिससे कि पाचन के सभी कार्य ठीक से हो सकें। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि अगर पेट खराब हो तो पुदीने की चाय पीने से राहत मिलती है। वर्षों से घरेलू नुस्खे के रूप में पुदीने की चाय हमें नानी-दादी पिलाती आ रही हैं, क्योंकि उससे पाचन तंत्र दुरुस्त होने में राहत मिलती है। पुदीने की पत्तियों का ताजा रस नींबू और शहद के साथ समान मात्रा में लेने से पेट की ज़्यादातर बीमारियों में आराम मिल जाता है।

 

तेज़ याददाश्त

कई विशेषज्ञों ने माना है कि पुदीने से बने च्वइंग गम का सेवन करने से स्मरण शक्ति बढ़ती है। दरअसल, इस तरह के च्वइंग गम में प्रमुख तत्त्व पुदीने के औषधीय गुण ही होते हैं, जिसकी वजह से स्मरण शक्ति पर सकारात्मक असर पड़ता है।

कैंसर

यह भी हैरानी वाली बात है, मगर सच है कि कैंसर से बचाने तक में पुदीना मदद करता है। इसमें अनेक ऐसे औषधीय गुण मौजूद हैं, जिनका असर कैंसर तक पर देखने को मिलता है। चूंकि पुदीने के पत्तों में विभिन्न प्रकार के एंजाइम होते हैं, जिनकी वजह से इस बीमारी को रोकने में पुदीने को मददगार पाया गया है।

सर्दियों में लाभदायक

आप गौर कीजिएगा कि जब भी आपको सर्दी लगती है तो आपकी मां की जबान पर सबसे पहले  पुदीने का ही नाम आता है। इसकी वजह ये है कि पुदीना सर्दी दूर भगाने में बहुत अधिक लाभदायक है। इसकी तेज़ गंध बंद नाक पर तेज़ी से असर दिखा कर उसे खोलती है और आराम से श्वास लेने में मदद करती है। यह कफ़ निकालने में मदद करता है। जब आप खांसी या सर्दी से पीड़ित होते हैं तो इसके एंटी बैक्टीरियल और एंटी इंफ्लामेंट्री गुण सांस लेने संबंधी परेशानियों को दूर करने के साथ-साथ सूजन को दूर करने में भी मदद करते हैं। खांसी में आराम के लिए पुदीने के पत्तों को या फिर उसके रस को गर्म पानी में डाल कर भाप लें। पहले नाक से भाप में सांस लेकर फिर उसे वापिस छोड़ें। ऐसा कई बार करें। इससे गले और नाक दोनों की ही तकलीफ़ में राहत मिलती है। साथ ही पुदीने की चाय से भी इस समस्या से छुटकारा मिल जाता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए

आमतौर पर जब महिलाएं प्रेगनेंट होती हैं तो उन्हें कई तरह की चीजों का सेवन निषेध होता है, लेकिन पुदीना ऐसी चीज है, जो गर्भवती महिलाओं के लिए भी काफी अच्छा होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह अच्छा उपाय इसलिए भी है, क्योंकि यह पाचन के लिए आवश्यक एंजाइम को सक्रिय कर, सुबह में होने वाली परेशानी, यानी मॉर्निंग सिकनेस को दूर करने में मदद करता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि पुदीने के कुचले पत्तों की महक भी गर्भवती महिलाओं के लिए जी मितलाने की समस्या में बहुत प्रभावकारी होती है। हालांकि स्तनपान कराने के दौरान इसका सेवन वर्जित होता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए

पुदीने के पत्तों में कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन सी,डी, ई और विटामिन बी कॉम्पलेक्स की थोड़ी मात्रा होती है। माना जाता है कि ये सारी चीजें इम्युनिटी को बूस्ट करने, यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होती हैं। इन सभी के कारण बीमारियों से शरीर का ज़्यादा से ज़्यादा बचाव होता है, उसकी प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है और शरीर संक्रमण और सूजन से भी सुरक्षित रहता है।

तनाव कम करने के लिए

पुदीने के पत्तों में तनाव कम करने के भी सारे गुण हैं। चूंकि इसमें मौजूद मेंथॉल मांसपेशियों को आराम देता है और प्राकृतिक एंटी स्पास्मोडिक होने के कारण पुदीने की चाय के सेवन से मानसिक तनाव में खूब आराम मिलता है।

सांसों में ताजगी लाने के लिए

पुदीने के औषधीय गुण फेफड़ों में जमे बलगम, यानी कफ़ को शरीर से बाहर करने में बहुत मददगार होते हैं, इसलिए सांसों में ताजगी लाने के लिए मिंट के कई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जाता है। पुदीने को सुखा कर, कूट कर, कपड़े से छान कर बारीक चूर्ण बना लें। इस चूर्ण का एक चम्मच दिन में दो बार सादे पानी के साथ लेने से सांसों से संबंधित परेशानियों से राहत मिलती है। इसके अलावा बहुत से टूथपेस्ट में भी पुदीने की पत्तियों का काफी इस्तेमाल होता है, क्योंकि यह ताजगी देती है। पुदीना मुंह में बैक्टेरिया को पूरी तरह से खत्म करने के अलावा दांतों और जीभ की गंदगी को भी दूर करता है, जिसके कारण सांसों में भी ताजगी बनी रहती है।

वज़न घटाने में सहायक

 

जो लोग वज़न घटाना चाहते हैं, उनके लिए तो पुदीना रामबाण की तरह है। यह वजन घटाने में काफी सहायक होता है। पुदीना एक ऐसा पदार्थ है, जो कई तरह के पाचन एंजाइमों को प्रेरित करता है, जो खाने में मौजूद पोषक तत्त्वों को अवशोषित करने, यानी शरीर द्वारा इसके गुणों को आसानी से सोखने में बहुत सहायक होते हैं। साथ ही अतिरिक्त वसा के रूप में जो चर्बी, यानी फैट पेट पर होता है, उसे ऊर्जा में बदल देते हैं। आप वज़न कम करने के लिए अपने नियमित आहार में पुदीना शामिल कर सकते हैं। डिटॉक्स वॉटर बनाने में भी पुदीना का जम कर इस्तेमाल होता है।

दरअसल, पुदीना, खीरा, नींबू, अदरक और पानी को मिला कर डिटॉक्स वॉटर बनाया जाता है, जिसका हर सुबह सेवन किया जाता है। इसके लिए रात में एक जग में पानी भर कर, इन सारी चीजों को उसमें मिला कर रख दिया जाता है। हर सुबह इसे पीना होता है। इससे वजन काफी कम होता है। यही नहीं, पुदीने की पत्तियों को पीस कर पीने से भी वज़न बहुत कम होता है।

पुदीने से होने वाले सौंदर्य लाभ -

पुदीना न सिर्फ सेहत के लिए चमत्कारी गुणों से भरा हुआ है, बल्कि सौंदर्य संबंधी समस्याओं से भी निदान दिलाने में सहायक है। इससे कई तरह की त्वचा संबंधी समस्याएं तक ठीक हो जाती हैं।

 

मुंहासों से निजात

पुदीने के नियमित सेवन से मुंहासों से छुटकारा मिलता है। पुदीने में मौजूद एंटी इंफ्लामेंट्री और एंटी बैक्टेरियल गुण मुंहासों के अलावा त्वचा के गड्ढों को भी भरने में मदद करता है, इसलिए इसका इस्तेमाल कई तरह की ब्यूटी क्रीम्स  और ब्यूटी प्रोडक्ट्स में किया जाता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को नई ऊर्जा प्रदान करता है। साथ ही त्वचा की नमी खोने नहीं देता है। एंटी सेप्टिक होने के कारण इसका प्रयोग साबुन और बॉडी वॉश के रूप में भी किया जाता है।

फेस पैक में इस्तेमाल

पुदीने की एक और खासियत यह है कि बाजार में इसके कई तैयार पैक तो मिलते ही हैं, घर पर भी आप बड़ी आसानी से इसका पैक बना सकती हैं। पुदीने का पैक बनाने के लिए इसके साथ गाजर पीस लें। उसमें नींबू का रस मिला लें और फिर चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद चेहरा पानी से धो लें। इससे चेहरे की रौनक बरकरार रहेगी। आप इस पैक को लगभग दो दिन तक फ्रिज में रख कर बाद में भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके नियमित सेवन के साथ-साथ अगर पुदीने की पत्तियों को पीस कर उसका रस नींबू के रस के साथ मिला कर चेहरे पर लगा कर कुछ देर के लिए चेहर को ऐसे ही छोड़ दिया जाए और बाद में सादे पानी से चेहरा धो लिया जाए तो मुंहासे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं और उनके निशान भी मिट जाते हैं, चेहरे पर चमक भी आती है और झाईयां भी खत्म हो जाती हैं।

पुदीने के तेल के फायदे -

कम लोगों को ही इस बात की जानकारी होती है कि पुदीने का तेल भी स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। कई प्रकार के दर्द वाले बाम में पुदीने के तेल का इस्तेमाल होता है। अगर चोट लग जाए या दर्द हो रहा हो तो इसका तेल लगाने से आराम मिलता है। यही नहीं, इसके तेल का इस्तेमाल दांतों से संबंधित बीमारियों में भी किया जाता है। यह तंत्रिकाओं और मासपेशियों को शांत करता है, जिससे पूरे शरीर को आराम पहुंचता है। अगर शरीर में या फिर सिर में लगातार दर्द सा बना रहता हो तो इस समस्या में भी पुदीने के तेल की का इस्तेमाल लाभ पहुंचाता है।

पुदीने का सेवन -

पुदीने का इस्तेमाल कई रूपों में होता है। इसकी पत्तियों का इस्तेमाल चाय के रूप में भी किया जा सकता है। ये हरे सलाद में, डेजर्ट में, चिकन या सब्ज़ियां बनाने में इस्तेमाल होने से लेकर सादे पानी तक के साथ प्रयोग किया जा सकता है। पुदीना जूस के फायदे भी बहुत से हैं। कई डिशेज में गार्निशिंग के लिए भी पुदीने का खूब इस्तेमाल होता है। पुदीने के पत्तों को ताजा या सुखा कर खाया जा सकता है। इसके तेल का प्रयोग मस्तिष्क को ठंडा रखने के लिए किया जा सकता है। स्तनपान कराने के दौरान निप्पल के दर्द को कम करने में भी इसके लेप का इस्तेमाल होता है।

कई लोग इससे बने कैप्सूल का सेवन करते हैं। इससे अपच, यानी बदहज़मी की समस्या खत्म हो जाती है। पुदीने का पानी पीने के फायदे (pudina ka pani pine ke fayde) भी बहुत से हैं। पुदीना कई सारे ड्रिंक्स में भी इस्तेमाल होता है। पुदीने से बनने वाला मोइतो तथा जलजीरा जैसी ड्रिंक्स काफी मशहूर हैं। इसमें सोडा, चीनी, नींबू, बर्फ और पुदीना की पत्तियों को अच्छे से मिला कर ड्रिंक तैयार की जाती है। पार्टियों की शान होती है यह ड्रिंक। पुदीने की पत्तियां कई और ड्रिंक्स में भी स्वाद बढ़ाने के लिए मिलाई जाती है। इसके अलावा पुदीने की पत्तियां जूतों में भी रखी जाती है, ताकि उनसे बदबू न आए।

पुदीना के नुकसान -

यूं तो पुदीने का इस्तेमाल शरीर में बीमारियों को घर नहीं करने देता है, लेकिन इसके उपयोग से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को जानना भी जरूरी है। यदि आपको गैस्ट्रोएफेजील रिफलक्स रोग है तो पाचन समस्या को शांत करने के प्रयास में पुदीने का प्रयोग नहीं करना चाहिए। अगर पुदीने के तेल का उपयोग अधिक मात्रा में किया जा रहा है तो भी हानिकारक हो सकता है। शिशु या बहुत छोटे बच्चों के चेहरे पर भी पुदीना ऑयल नहीं लगाना चाहिए। ये उनके सांस लेने में परेशानी का कारण बन सकता है। इसके अलावा पित्त की पथरी होने पर भी पुदीने के उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।

पुदीने के सेवन को लेकर पूछे गए सवाल और जवाब -

  1. कई लोग कहते हैं कि पुदीने से उबकाई आने जैसी परेशानियों से छुटकारा मिलता है। मुझे यह जानना है कि इसमें कितनी सच्चाई है?

जवाब: यह पूरी तरह से सच है। दरअसल पुदीना उबकाई और उल्टी को कम करने में सहायक होता है। यह पाचन क्रिया के लिए आवश्यक एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे उबकाई की परेशानी कम हो जाती है। इसके लिए पुदीने की चाय सबसे बढ़िया तरीका होती है। साथ ही इससे बनी कैंडी भी खाई जा सकती है। पुदीने के तेल की कुछ बूंदें रूमाल में रख कर सूंघने से भी इसमें आराम मिलता है।

  1. अस्थमा की बीमारी में पुदीने का प्रयोग कैसे लाभ पहुंचाता है?

जवाबपुदीना एलर्जी और अस्थमा से लड़ने में सहायक होता है। बलगम को बाहर निकाल कर अस्थमा से छुटकारा दिलाता है। यह एक अच्छा रिलैक्सेंट हैं और एलर्जी से राहत दिलाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिससे राहत मिलती है। इसके लिए पुदीने की चाय पीने की सलाह दी जाती है। साथ ही पुदीने के तेल में नारियल तेल मिक्स करके छाती, नाक और  गर्दन पर लगाने की सलाह भी दी जाती है।

  1. बालों के विकास में पुदीना किस तरह लाभदायक होगा?

जवाब: पुदीना बालों के विकास के लिए काफी फायदेमंद होता है। यह बालों से तेल और रूसी को हटाता है। सिर की त्वचा के पीएच स्तर को संतुलित रखता है। इसके लिए पुदीने के तेल में जैतून व नारियल के तेल को मिला कर सिर की हल्की मालिश करनी चाहिए। हफ्ते में दो बार इसे करने से बालों की लंबाई और खूबसूरती बढ़ेगी।

  1. क्या सचमुच पुदीना खाने से हिचकी और हकलाहट की परेशानी खत्म हो जाती है?

जवाब: जी हां, हिचकी आने पर अगर पुदीने की पत्तियों को चूसा जाए या इसके रस के साथ शहद मिला कर लिया जाए तो लगातार आने वाली हिचकियां बंद हो जाती है। वहीं हकलाहट को दूर करने में भी यह सपोर्ट करती है। उसके लिए पुदीने की पत्तियों में काली मिर्च पीस कर,सुबह-शाम सेवन करने की सलाह दी जाती है।

  1. हैज़ा, न्यूमोनिया जैसी बीमारियों में पुदीने के सेवन की सलाह क्यों दी जाती है?

जवाब: दरअसल, पुदीना इस बीमारी को भी भगाने में मदद करता है। हैज़ा में पुदीना, प्याज का रस और नींबू का रस समान मात्रा में मिला कर पीने से लाभ होता है। दस्त या हैज़ा हो तो आधा कप पुदीने का रस, हर घंटे के अंतराल पर पीने से राहत मिलती है। यही नहीं, पुदीने का ताजा रस शहद के साथ सेवन करने से बुखार दूर हो जाता है और न्यूमोनिया भी नहीं होता।