पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा
पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा
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पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा
पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा
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पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा

पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा

Regular price Rs. 1,000.00 Sale price Rs. 499.00

Gold polished-

धातु का कड़ा : हाथ में कड़ा पहनने के नियम उसी तरह हैं जिस तरह की यज्ञोपवीत पहनने के नियम हैं। बहुत से लोग कड़ा पहनने के बाद किसी भी प्रकार का नशा करते हैं या अन्य कोई अनैतिक कार्य करते हैं तो उसे इसकी सजा जरूर मिलती है इसलिए कड़ा सोच-समझकर पहनें।
अब सवाल उठता है कि कड़ा कौन-सा पहने? पीतल, तांबा या चांदी का कड़ा पहनें। कुछ लोग पीतल और तांबे का मिश्रित कड़ा पहनते हैं। पीतल से गुरु, तांबे से मंगल और चांदी से चंद्र बलवान होता है।
कड़े का मूल चमत्कार : कड़ा हनुमानजी का प्रतीक है। पीतल और तांबा मिश्रित धातु का कड़ा पहनने से सभी तरह के भूत-प्रेत आदि नकारात्मक शक्तियों से व्यक्ति की रक्षा होती है।
इसके अलावा हाथ में कड़ा धारण करने से कई तरह की बीमारियों से भी रक्षा होती है। जो व्यक्ति बार-बार बीमार होता है उसे सीधे हाथ में अष्टधातु का कड़ा पहनना चाहिए। मंगलवार को अष्टधातु का कड़ा बनवाएं। इसके बाद शनिवार को वह कड़ा लेकर आएं। शनिवार को ही किसी भी हनुमान मंदिर में जाकर कड़े को बजरंग बली के चरणों में रख दें। अब हनुमान चालीसा का पाठ करें। इसके बाद कड़े में हनुमानजी का थोड़ा सिंदूर लगाकर बीमार व्यक्ति स्वयं सीधे हाथ में पहन लें।
ध्यान रहे, यह कड़ा हनुमानजी का आशीर्वाद स्वरूप है अत: अपनी पवित्रता पूरी तरह बनाए रखें। कोई भी अपवित्र कार्य कड़ा पहनकर न करें अन्यथा कड़ा प्रभावहीन तो हो ही जाएगा, साथ ही इसकी आपको सजा भी मिलेगी।