गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )
गरम मसाला (Garam Masala Powder )

गरम मसाला (Garam Masala Powder )

Regular price Rs. 150.00

100 % Neutral & Herbal

भारत के लगभग हर रसोई घर में #गरम_मसाला जरूर इस्तेमाल किया जाता है। इसे चुटकी भर ही इस्तेमाल करने भर से पूरे खाद्य पदार्थ का स्वाद लजीज हो जाता है। आप यह तो जानते ही होंगे कि कई प्रकार के मसालों को मिलाकर #गरम_मसाला तैयार किया जाता है, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि खाने का स्वाद बढ़ाने वाला #गरम_मसाला स्वास्थ्य के लिए कितना गुणकारी है। अगर आप नहीं जानते, तो परेशान होने की कोई बात नहीं है, हम आपको बताते हैं। आपको #गरम_मसाला के फायदे के बारे में विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही #गरम_मसाला बनाने की विधि या ये कहें कि घर में #गरम_मसाला कैसे बनाएं, इसकी जानकारी भी आपको दी जाएगी। इसलिए, स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़िए।

#गरम_मसाला के फायदे

#गरम_मसाला खाने के फायदे एक नहीं अनेक हैं, जिनमें से प्रमुख फायदों के बारे में हम यहां बता रहे हैं।

  1. वजन घटाने में

वजन घटाने के लिए #गरम_मसाला के फायदे देखे जा सकते हैं। इसके लिए #गरम_मसाला में पाए जाने वाले पोषक तत्व जिम्मेदार है। #गरम_मसाला में कुछ मात्रा फाइबर की पाई जाती है । एक वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, अगर दिनभर में आहार स्रोत के जरिए करीब 30 ग्राम फाइबर का सेवन किया जाए, तो यह वजन घटाने में सहायक हो सकता है । इसलिए, फाइबर युक्त अन्य खाद्य पदार्थों के साथ थोड़ा-सा #गरम_मसाला लेना भी फायदेमंद साबित हो सकता है।

  1. पाचन के लिए

एक स्वस्थ शरीर के लिए जरूरी है कि उसका पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से कार्य रहे। इसके लिए हमारी रसोई में रखा #गरम_मसाला फायदेमंद हो सकता है। यहां पर एक बार फिर से #गरम_मसाला में मौजूद फाइबर का जिक्र होगा। फाइबर का सेवन हमारी पाचन क्रिया को सुधारने के साथ-साथ कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाने में मदद करता है ।

  1. डायरिया में

डायरिया की स्थिति में पतले दस्त होना शुरू हो जाते हैं । थोड़ी ही देर बाद पीड़ित व्यक्ति का शरीर बिल्कुल असहाय होने लगता है। ऐसे में आप #गरम_मसाला की मदद ले सकते हैं, क्योंकि इसमें फाइबर पाया जाता है । फाइबर का सेवन डायरिया की स्थिति में फायदेमंद हो सकता है ।

  1. मधुमेह की समस्या में

मधुमेह की समस्या से बचे रहने के लिए भी #गरम_मसाला सकारात्मक असर दिखा सकता है। दरअसल, #गरम_मसाला को तैयार करने में कई प्रकार के मसाले का प्रयोग किया जाता है। इनमें से एक जीरा भी है । वहीं, जीरा एक सक्रिय एंटी-डायबिटिक एजेंट है। यह डायबिटीज के लक्षणों को कम करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य करता है । इसलिए, गरम मसाले में मौजूद जीरा डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक हो सकता है।

  1. सर्दी और खांसी के लिए

सर्दी-खांसी से राहत पाने के लिए भी #गरम_मसाला के फायदे देखे जा सकते हैं। सर्दी के लक्षणों में खांसी को भी गिना जा सकता है । आप इससे राहत पाने के लिए #गरम_मसाला का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसमें इस्तेमाल होने वाले धनिया में जिंक पाया जाता है । वहीं, जिंक बच्चों में पाए जाने वाले सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है ।

  1. कैंसर की स्थिति में

कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचे रहने के लिए भी #गरम_मसाला एक रामबाण औषधि की तरह कार्य कर सकता है। दरअसल, ऐसा इसलिए संभव है, क्योंकि #गरम_मसाला को तैयार करने के लिए काली मिर्च और सूखी लाल मिर्च का प्रयोग किया जाता है । इनमें एंटी-कैंसर गतिविधि पाई जाती है । एंटी-कैंसर गतिविधि कैंसर होने के लिए जिम्मेदार स्थितियों के खिलाफ क्रिया करके आपको कैंसर से बचाए रखने के काम आ सकती है ।

  1. गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के लिए

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्या आपके पेट और पाचन क्रिया में होने वाली विभिन्न समस्याओं से जुड़ी हुई है। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में गड़बड़ी होने का एक मुख्य कारण कब्ज का होना भी माना जाता है, जबकि #गरम_मसाला के जरिए कब्ज का इलाज संभव है। दरअसल, #गरम_मसाला में मौजूद फाइबर का सेवन कब्ज की समस्या को दूर करके, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल में हुई गड़बड़ी को ठीक कर सकता है ।

  1. शरीर को डिटॉक्सिफाई करने में

डिटॉक्सिफाई एक प्रकार की क्रिया होती है। इससे हमारे शरीर से जहरीले पदार्थों को हटाने, वजन घटाने और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद मिलती है । डिटॉक्सिफाई की गतिविधि बढ़ाने के लिए एक अच्छे स्रोत के रूप में गरम मसाला का उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि #गरम_मसाला में डिटॉक्सिफाई का गुण पाया जाता है ।

  1. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और बीमारियों से लड़ने में

बेहतर रोग-प्रतिरोधक क्षमता हमारे शरीर को कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों से बचाए रखने का काम कर सकती है । #गरम_मसाला में इस्तेमाल होने वाले धनिये में जिंक पाया जाया जाता है । विशेषज्ञों के अनुसार, जिंक रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाता है। इसलिए, #गरम_मसाला के जरिए जिंक का सेवन हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करेगा और हमारा शरीर बीमारियों से भी बचा रहेगा ।

  1. दर्द और सूजन के लिए

दर्द और सूजन में आराम पाने के लिए भी आप #गरम_मसाला का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका कारण यह है कि #गरम_मसाला  को बनाने में मेथी का भी उपयोग किया जाता है । एक वैज्ञानिक शोध में देखा गया है कि मेथी के बीज में एंटी-इंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं। यह दोनों ही गुण दर्द और सूजन में आराम दिला सकते हैं ।

  1. आंखों के स्वास्थ्य के लिए

आंखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए भी #गरम_मसाला  को बहुत उपयोगी माना गया है। इसके लिए #गरम_मसाला में उपयोग की जाने वाली दालचीनी लाभदायक होती है । दालचीनी में फोलेट की भरपूर मात्रा पाई जाती है । एक वैज्ञानिक शोध में यह देखा गया है कि फोलेट का सेवन जियोग्राफिक एट्रोफी (Geographic atrophy) से आंखों को सुरक्षित रखने में लाभदायक होता है । जियोग्राफिक एट्रोफी आंखों का एक रोग, जिससे देखने की क्षमता में कमी आती है।

  1. पेट की सूजन (Bloating) कम करने में

यह ऐसी स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें पेट (पेट) भरा हुआ महसूस होता है और पेट सूजा हुआ भी लग सकता है। इस समस्या का एक प्रमुख कारण कब्ज हो सकती है । आप कब्ज को #गरम_मसाला में मौजूद फाइबर के सेवन से दूर कर सकते हैं । इसका सेवन करने से पेट की सूजन या ब्लोटिंग की समस्या खत्म हो सकती है।

  1. सांसों की बदबू दूर करने में

#गरम_मसाला का उपयोग मुंह की बदबू को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है। #गरम_मसाला को तैयार करने में लौंग का भी इस्तेमाल किया जाता है । लौंग में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है । एक डॉक्टरी रिसर्च के अनुसार यह देखा गया कि एंटीऑक्सीडेंट गुण सांसों की बदबू को दूर करता है ।

  1. स्लो एजिंग के लिए

इसका मतलब यह कि आप लंबे समय तक जवां नजर आ सकते हैं। इसके लिए #गरम_मसाला को बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाली दालचीनी का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है । दालचीनी में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं और यह गुण स्लो एजिंग की प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद कर सकता है ।

#गरम_मसालाखाने के फायदे जानने के बाद, आइए अब जानते हैं कि इसमें कौन-कौन से पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं।

#गरम_मसाला के पौष्टिक तत्व

#गरम_मसाला में निम्नलिखित पोषक तत्व पाए जाते हैं  :-

पोषक तत्व

मात्रा प्रति 100 ग्राम

एनर्जी

571kcal

प्रोटीन

21.43g

कुल लिपिड (वसा)

35.71 g

कार्बोहाइड्रेट

28.57g

फाइबर, कुल डाइटरी

14.3g

मिनरल

आयरन

7.71 mg

सोडियम

1071mg

लिपिड्स

फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड

7.14g

#गरम_मसाला का उपयोग

  • #गरम_मसाला को सब्जी बनाने में उपयोग कर सकते हैं।
  • इसे आलू की टिकिया में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • #गरम_मसाला को नमक के साथ मट्ठे में मिलाकर पिया जा सकता है।
  • बेसनी भिंडी को बनाने में #गरम_मसाला का इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • अचार, खटाई और सलाद की ड्रेसिंग में #गरम_मसाला को इस्तेमाल कर सकते हैं।

कब खाएं : #गरम_मसाला को आप दिन के किसी भी समय में खा सकते हैं।

कितना खाएंएक बार में लगभग आधे से भी कम छोटा चम्मच (एक व्यक्ति के लिए)#गरम_मसाला इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके सेवन की मात्रा की सटीक जानकारी के लिए आप एक बार आहार विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। 

आइए, अब #गरम_मसाला के सेवन से जुड़े हुए कुछ नुकसान के बारे में जान लेते हैं।

#गरम_मसाला के नुकसान

#गरम_मसाला के नुकसान कुछ इस प्रकार हो सकते हैं :

  • आयात किए गए #गरम_मसाला में लेड की मात्रा हो सकती है, जिसका अधिक सेवन शरीर में जहर बना सकता है ।
  • #गरम_मसाला में उपयोग होने वाले कुछ मसालों में जैसे धनिये में जिंक की मात्रा पाई जाती है। अधिक मात्रा में जिंक का सेवन करने से यह मतली और उल्टी की समस्या हो सकती है।
  • #गरम_मसालामें सोडियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है और सोडियम का अधिक सेवन उच्च रक्तचाप का कारण बन सकता है।

बेशक, अभी तक आप #गरम_मसालाका उपयोग केवल सब्जियां और पकवान बनाने के लिए ही करते थे, लेकिन अब इसमें छुपे सेहत के राज से भी वाकिफ हो गए हैं। इसलिए, अब आप ऊपर बताई गई सेवन और उपयोग विधि को ध्यान में रखते हुए, #गरम_मसाला का इस्तेमाल करें। इसके सेवन से जुड़ी हुई जिन सावधानियों और नुकसान के बारे आपको लेख में बताया गया है, उसे ध्यान में जरूर रखें।