Ekmukhi Rudraksh-एक मुखी रुद्राक्ष(Gol)
Ekmukhi Rudraksh-एक मुखी रुद्राक्ष(Gol)
Ekmukhi Rudraksh-एक मुखी रुद्राक्ष(Gol)

Ekmukhi Rudraksh-एक मुखी रुद्राक्ष(Gol)

Regular price Rs. 200,000.00 Sale price Rs. 111,111.00


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#एक_मुखी_रुद्राक्ष के लाभ

भगवान शिव ने समस्त लोगों के कल्याण के लिए अपने नेत्रों से आंसू के रूप में #रुद्राक्ष उत्पन्न किए चूँकि भगवान शिव कल्याण करने वाले देवता हैं इसलिए उनकी आँख से प्रथम आंसू गिरते ही #एक_मुखी_रुद्राक्ष उत्पन्न हुए इसलिए #एक_मुखी_रुद्राक्ष को सबसे महत्वपूर्ण और कल्याणकारी #रुद्राक्ष माना गया है | #एक_मुखी को साक्षात भगवान शिव का स्वरुप माना गया है और इस ब्रह्माण्ड की कल्याणकारी वस्तुओं में #एक_मुखी_रुद्राक्ष पहले नंबर पर आता है |

#एक_मुखी_रुद्राक्ष धारण करने मात्र से ही गंभीर पापों से मुक्ति मिलकर, मन शांत होकर, इन्द्रियां वश में होकर व्यक्ति ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति की तरफ अग्रसर हो जाता है | शरीर में हाई BP इसके धारण करने से धीरे धीरे नियंत्रित होने लगता है सभी #रुद्राक्षों में #एक_मुखी_रुद्राक्ष को सर्वोत्तम स्थान दिया गया है | इसके धारण करने से शत्रुओं के षड़यंत्र से बचा जा सकता है और भक्ति, मुक्ति, युक्ति एवं धन लक्ष्मी की प्राप्ति में भी यह #रुद्राक्ष सहायक है | #एक_मुखी_रूद्राक्ष साक्षात् शिव रूप ही माना जाता है। इस #एक_मुखी_रुद्राक्ष को धारण करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। शत्रु पीड़ा निवारण, कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय, पदोन्नति आदि की प्राप्ति होती है। इस #एक_मुखी_रुद्राक्ष को धारण करने से उदर विकार (पेट के रोग) से मुक्ति मिलती है। #एक_मुखी_रुद्राक्ष राजनीति से जुडे व्यक्तियों के लिये एक वरदान है ।

वैसे तो #एक_मुखी_रुद्राक्ष को धारण करने का मंत्र “ॐ ह्रीं नमः” है लेकिन शिव का पंचाक्षर बीज मंत्र “ॐ नमः शिवाय” से भी कोई भी #रुद्राक्ष धारण किया जा सकता है |

विभिन्न मुखी (different faces) #रुद्राक्ष के दानो की सूची में #एकमुखी_रुद्राक्ष का विशेष स्थान है। शिव पुराण सन्दर्भ -१, श्री मद्देविभागवत पुराण सन्दर्भ -२ , और #रुद्राक्ष जाबालोपनिषद सन्दर्भ -३ में #रुद्राक्ष का अकार, प्रकार प्रयोग और लाभ का पूरा वर्णन आता है, #एक_मुखी-रुद्राक्ष को देवाधिदेव महादेव का पूरा वरदान प्राप्त है। शैव ज्ञान ही हिन्दू धर्म की प्रारम्भिक पाठशाला है, अतः जन्म मृत्यु के चक्र से बचने के लिए शिव द्वार मोक्ष के मार्ग को आसान बना देता है। इसमे #एक_मुखी_रुद्राक्ष जिसका नियामक गृह सूर्य है अहम भूमिका निभा सकता है. कृतिका नक्षत्र, उत्तराषाढ़ नक्षत्र और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र वालों को यह #रुद्राक्ष विशेष लाभ देता है। वैसे यह सभी राशि व जातकों पर शुभ प्रभाव डालता है। आँखों में परेशानी , हड्डियों के दर्द और पेट की समस्याओं से ग्रस्त लोगों को यह #एकमुखी_रुद्राक्ष लाभ पहुंचाता है। #एकमुखी_रुद्राक्ष धनहानि को होने से रोकता है ,व्यापार में बृद्धि करता है और नेतृत्व को मजबूत करता है। याद रहे #एक_मुखी_रुद्राक्ष को मंत्रों से मन्त्रित करके ही पहने , इससे इसकी इलेक्ट्रो मैग्नेटिव वेव्स संतुलित हो जाती हैं।